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बिलासपुर। ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बिलासपुर पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के शिमला और सोलन से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो आरोपी विदेश के रहने वाले हैं. एक आरोपी बांग्लादेश और दूसरा कैमरून देश का रहने वाला है।

27 लाख रूपये गवाएं थे बिलासपुरियन ने

अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य ऑनलाइन दुकानों, मॉल, पार्क जैसे जगहों की रेटिंग के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी करते थे। इस मामले में बिलासपुर के रहने वाले व्यक्ति ने आरोपियों के झांसे में आकर करीब 27 लाख रुपए गंवा दिए। इसकी शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और बैंक स्टेटमेंट, एटीएम सीसीटीवी जैसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने उनके पास से दो लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, 6 एटीएम कार्ड, दो पासपोर्ट और बहुत सारे बैंकों के पासबुक बारामद किए हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी गई है।

ये हैं आरोपियों के नाम

प्रियांशु रंजन पिता विजय कुमार पाण्डेय उम्र 20 वर्ष निवासी एसबीआई भास्कर राॅव नगर साई जीएनआज रेसीडेंनसी प्लॉट न. 08, 09 सैनिकपुरी हैदराबाद हाल निवासी बाहरादुनौती वाक्माघाट शिमला (हिमाचल प्रदेश)।

राजवीर सिंह पिता भारत सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम व पोस्ट कलालकरन जिला (जम्मू काश्मीर) हाल निवासी बाहरा यूनिवर्सिटी वाक्नाघाट शिमला (हिमाचल प्रदेश)।

मो. शोबुज मोरल पिता मो. शहाबुद्दीन मोरल उम्र 25 वर्ष निवासी तेलीखानी दारून मोरनी खुलना बांग्लादेश हाल निवासी बाहरा यूनीवर्सिटी कलाघाट शिगला (हिमाचल प्रदेश)

टेम्कु कार्ल नगेह पिता टेग्फ रिचर्डस उम्र 22 वर्ष निवासी बामेन्डा ३ नर्कन कमेरुनियन (Tamfu Karl Ngeh S/O Tamfu Richard Age 22 Year Address Bamenda 3 Nkwen Cameroonian) हाल निवासी बाहरा यूनिवर्सिटी वाक्नाघाट सोलन (हिमाचल प्रदेश)

बिलासपुर पुलिस ने की ये अपील

सायबर ठग आए दिन नये-नये तरीको के माधयम से आम जनता से धोखाधड़ी करने का प्रयास करते हैं. कोई भी व्यक्ति अनजान नम्बर से अपने आप को पुलिस का अधिकारी, सीबीआई अथवा ईडी का अधिकारी बताकर ठगी करने का प्रयास करते हैं. ऐसे काॅल से सावधान रहे. बिलासपुर पुलिस इस प्रकार के ठगी को रोकने के लिए थानो में आम जनता द्वारा दर्ज कराए गए रिपोर्ट में मोबाईल नम्बर एवं व्यक्तिगत जानकारी हाइड किया जा रहा है.

अनजान व्यक्ति जिसका नम्बर आपके मोबाइल पर सेव नहीं है उसके साथ कभी भी कोई निजी जानकारी, बैंकिग जानकारी, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड फोटो आदि शेयर न करे. अनजान वेबसाइट एवं अनाधिकृत एप डाॅउनलोड या सर्च करने से बचे.

कम परिश्रम से अधिक लाभ कमाने अथवा रकम दोगना करने का झांसा देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहे. स्वयं की पहचान छुपाकर सोशल मीडिया फेसबुक, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि के माध्यम से ईंटिमेट (अश्लील लाइव चैंट) करने से बचे.

परीक्षा में अधिक अंकों से पास करा देने की झांसा देने वाले व्यक्तियों खासकर 92 नम्बरों से आने वाले वाॅट्सअप काॅल से बचने का प्रयास करे.

गुगल प्ले स्टोर अथवा वेब ब्राउजर अथवा सोशल मीडिया फेसबुक, इन्स्टाग्राम, वाॅट्स्अप लिंक के माध्यम से डाउनलोड किए गए लोन एप आपको कुछ राशि देने के एवज में आपके फोन का डाटा जिसमें आपके मोबाइल में संरक्षित परिचित व्यक्तियों के मोबाइल नम्बर, फोटो, वीडियो आदि आपके परमिशन से अपने पास सुरक्षित रख लेते हैं एवं आपकी निजी जानकारी फोटो एडिट कर अशलील में परिवर्तित कर आपके परिचितों में फैला देने एवं लोन राशि ब्याज सहित वापस करने का दबाव बनाकर एवं ब्लैकमेंल कर रकम की उगाही की जाती है.

उपरोक्त के अतिरिक्त भी आपकी बैंकिंग जानकारी एवं ओटीपी व क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड के पीछे छपे सीवीवीनम्बर प्राप्त कर भी फ्राॅड की जाती है, जिनसे सावधान रहने की आवश्यकता है.

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