Trending Now

लखनऊ। रिटायर्ड IAS अफसर देवेंद्र नाथ दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे की हत्या उनके सबसे भरोसेमंद लोगों ने की थी। जिन्हें बेटे से बढ़कर माना, उन ड्राइवर भाइयों ने पैसों के लिए उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

13 साल से दोनों ड्राइवर भाई रिटायर्ड आईएएस के घर नौकरी कर रहे थे। उन्हें लाने ले जाने से लेकर घर के हर काम में हाथ भी बंटाते थे। हत्या वाले दिन भी मोहिनी ने अपने ड्राइवर को देख कर ही अकेले होने के बावजूद दरवाजा खोला था। जिसके बाद ड्राइवर अखिलेश ने अपने साथी रंजित के साथ मिलकर पहले उनकी हत्या की और फिर 40 से 45 मिनट तक घर में आराम से लूटपाट करता रहा।

‘आरोपी के पैर में मारी गोली’

पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस अफसर की पत्नी के मर्डर केस का खुलासा करते हुए दोनों भाइयों समेत उनके तीसरे साथी को गिरफ्तार कर लिया। मोहिनी की हत्या से पहले ड्राइवर अखिलेश ने अपने साथी रंजित को अपना दोस्त बताकर उसका परिचय कराया था। रंजित ने उनके पैर छूए और अखिलेश ने पीछे से दुपट्टे से गला कस दिया। मौत की पुष्टि करने के लिए उन लोगों ने पेंचकस से उनके शरीर पर कई वार भी किए गए। उनके घर से करीब एक करोड़ से ज्यादा लूटी गई ज्वैलरी और फॉरेन करेंसी भी बरामद हुई है। घर से डीवीआर व बैग की बरामदगी के दौरान गाजीपुर स्थित इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट से पकड़े गए आरोपी ने पुलिस पर हमला भी किया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया।

दोनों भाई 13 साल से कर रहे थे काम

जेसीपी क्राइम आकाश कुलहरि ने बताया कि गाजीपुर के इंदिरा नगर सेक्टर 20 के मकान नंबर 30 में रिटायर्ड आईएएस अफसर देवेंद्र नाथ दुबे और उनकी पत्नी मोहिनी अकेले रहते थे। मोहिनी उनकी दूसरी वाइफ थीं, जबकि पहली वाइफ से हुए दोनों बेटों में प्रतीक तकरोही में अलग रहता है और प्रांजल नोएडा में अपनी फैमिली के साथ रहता है। रिटायर्ड आईएएस के घर में दो ड्राइवर घोसियाना राजीव नगर कैंट निवासी अखिलेश और उसका सगा भाई रवि पिछले 13 साल से काम कर रहे थे। वहीं उनके घर में उनकी मेड सरिता और माली इंद्रपाल भी काम करते थे। माली इंद्रपाल हर दिन 11 बजे आता था जबकि मेड सरिता सुबह आती थी। हर दिन रिटायर्ड आईएएस देवेंद्र नाथ दुबे गोल्फ खेलने गोल्फ क्लब जाते थे। इसके लिए अखिलेश या रवि सुबह 7 बजे उन्हें लेकर गोल्फ क्लब जाते थे।

25 मई का दिन इसलिए चुना था वारदात के लिए

अखिलेश व रवि रिटायर्ड आईएएस अफसर के ड्राइवर होने के साथ उनके पूरे घर के छोटे मोटे काम भी करते थे। दोनों ऐसे शख्स थे जो घर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे और उनकी एंट्री बेडरूम तक थी। कुछ दिन पहले मोहिनी दुबे को एक मैरिज पार्टी में जाना था। इसके लिए घर में रखी ज्वैलरी अलमारी से निकाली थी। कई ज्वैलरी ट्राई करने के बाद कुछ उन्होंने बेड पर रखी दी थीं। इसी दौरान ज्वैलरी पर अखिलेश की निगाह पड़ गई। जिसके बाद उसने उसकी नियत बदल गई और घर आने के बाद उसने अपने भाई रवि को ज्वैलरी के बारे में जानकारी देते हुए लूट की योजना बनाई।

रंजीत को तीसरा हिस्सा मिलना था

दोनों भाइयों को घर में आने वाले हर कर्मचारी व सदस्य के बारे में पूरी जानकारी थी। उन्हें यह पता था कि कौन किस समय पर आता और जाता है। इसका फायदा उठाकर उन्होंने लूट के साथ हत्या की योजना बनाई और इसमें अपने तीसरे साथी पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित घोसियाना निवासी रंजीत शामिल किया। लूट में जितनी ज्वैलरी व कैश मिलता उसमें रंजीत को तीसरा हिस्सा देने का मिलने का वादा किया गया। अखिलेश को पता चला कि घर में काम करने वाली मेड सरिता को परिवार में शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर जाना है। 25 मई को वह छुट्टी पर रहेगी। इसी दिन अखिलेश उसके भाई रवि और साथी रंजीत ने घटना को अंजाम देने का प्लान बनाया।

गोल्फ क्लब जाते समय रवि ने किया था इशारा

पुलिस कमिश्नर एसबी शिरड़कर ने बताया कि प्लान के अनुसार रवि सुबह 7 बजे रिटायर्ड आईएएस देवेंद्र नाथ दुबे को उनके घर से गोल्फ क्लब लेकर निकल गया। प्लानिंग के अनुसार पहले से घर से कुछ दूरी पर बिना नंबर की नीली स्कूटी से हेलमेट पहने अखिलेश व रंजीत खड़े थे। रास्ते में रवि ने उन्हें इशारा कर दिया। जिसके बाद अखिलेश व रंजीत सुबह 7.30 बजे मोहिनी दुबे के घर पहुंच गए। दूध देने वाले इमरान के जाने के बाद दोनों घर के अंदर पहुंचे और गेट खोलकर चैनल गेट पर पहुंच कर नॉक किया। मोहिनी दुबे ने चैनल से अखिलेश को देखा तो उन्होंने गेट खोल दिया।

पैर छूआ और फिर हमला कर दिया

अखिलेश ने अंदर पहुंच कर मालकिन मोहिनी से रंजीत को अपना दोस्त बताते हुए परिचय कराया और कहा कि वह घर के काम में उसकी मदद करेगा। अखिलेश के पुराने कर्मचारी होने के नाते मोहिनी ने उसकी बात मान ली। रंजीत ने मोहिनी के पैर छूए और तभी अखिलेश ने पीछे से दुपट्टे से उनका गला कस दिया। नीचे गिरते रंजीत ने पेचकस से उनके शरीर पर कई वार भी किये।अखिलेश जानता था कि अलमारी की चाबी कहां रहती है और कौन सा सामान कहां है। मोहिनी की मौत के बाद अखिलेश ने चाबी से अलमारी खोली और उसमें रखी सारी ज्वैलरी और कैश अपने साथ लाए नीले बैग में भर लिया।

मैडम को खत्म कर देना

अखिलेश व रवि ने रिटायर्ड आईएएस अफसर के घर लूट की प्लानिंग के समय ही यह तय कर लिया कि लूट के बाद घर में अकेली मौजूद मैडम यानि मोहिनी दुबे को मौत के घाट उतारा देंगे, ताकि उन्हें कोई पहचान न सके। रवि को यह भी पता था कि घर में हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं उसका रिकार्ड भी डीवीआर में होता है। अपनी पहचान मिटाने के लिए उन्होंने डीवीआर भी उखाड़ कर नीले बैग में रख लिया और वारदात को अंजाम देकर वहां से निकल गए। इसके बाद रंजीत के फोन से रवि को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद रवि देवेंद्र दुबे को सुबह 9.30 बजे गोल्फ क्लब से घर लेकर पहुंचा। जहां उन्होंने अपनी पत्नी को मृत अवस्था में पाया। घर की अलमारी की चाबियां भी अखिलेश अपने साथ ले गया था ताकि पुलिस को गुमराह कर सके।

वारदात के बाद अंजान होने का किया नाटक

रिटायर्ड आईएएस की पत्नी की हत्या के बाद अखिलेश व रंजीत बिना नंबर की नीली स्कूटी से घर की तरफ कैंट चले गए। घर से निकलते समय रंजीत के नंबर से रवि को काम हो गया कि सूचना दी। वहीं, देवेंद्र दुबे को लेकर रवि जब घर पहुंचा तो मालकिन के हत्या व लूट से अपने आप को अंजान दिखाने लगा और डायल 112 पर कॉल करने लगा। इसके बाद रवि ने रिटायर्ड आईएएस के सामने ही अखिलेश को कॉल कर घर में घटना होने की सूचना देते हुए तुरंत उसे वहां आने के लिए कहा। भाई रवि की कॉल के कुछ देर बाद अखिलेश वहां पहुंच गया। हत्या की सूचना देने वह सेक्टर 19 स्थित पुलिस चौकी पहुंचा और वहां तैनात चौकी इंचार्ज को इसकी जानकारी दी। पुलिस के साथ दोबारा घर आया और सभी लोगों के सामने सहज दिखते हुए रिटायर्ड आईएएस को संभालने का नाटक करने लगा। पुलिस की जांच पड़ताल के बाद दोनों भाइयों ने मालकिन का शव अपने हाथ से उठाकर पीएम के लिए भेजने को शव वाहन में रखा।

शुरू से ही संदेह के घेरे में थे दोनों भाई

घटना के बाद दोनों भाई रिटायर्ड आईएएस देवेंद्र दुबे की सेवा के साथ घर के कामकाज में व्यस्त होने का दिखावा करने लगे। यहां तक कि जिस मालकिन की हत्या को अंजाम दिया था, उनके पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार में न केवल शामिल हुए बल्कि उन्हें कांधा भी दिया। हालांकि दोनों भाई घटना के पहले दिन से पुलिस के निशाने पर थे। पुलिस टीम ने उनसे कई राउंड पूछताछ भी की थी। हत्या व लूट की घटना में पुलिस कई बिदुंओं पर जांच कर रही थी। फैमिली एंगल भी खंगाल रही थी। इस दौरान दोनों भाई घर में रहकर पुलिस की कार्रवाई पर भी निगाह रखे हुए थे।

पुलिस को शुरुआती दौर में जो सीसीटीवी फुटेज मिला था उसमें स्कूटी सवार दोनों आरोपी हेलमेट लगाए हुए थे लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी और कैंट इलाके में मिले फुटेज से पुलिस का संदेह और मजबूत हो गया। पीछे बैठे शख्स ने गर्मी होने के चलते पसीना पोछने पर हेलमेट उतारा और उसका चेहरा सीसीटीवी में कैद हो गया। हालांकि यह शख्स रंजीत था जबकि स्कूटी चला रहे अखिलेश ने हेलमेट नहीं उतारा था।

कॉल डिटेल व पहचान होने पर पकड़े गए

मोहिनी दुबे मर्डर केस के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज के साथ एक कॉल भी मददगार साबित हुआ। सर्विलांस टीम को कई नंबरों की जांच में एक नंबर ऐसा मिला जिसका यूज घटना स्थल के आस-पास के साथ कैंट इलाके में भी मिला। जहां पर हत्यारोपियों की लास्ट लोकेशन फुटेज सीसीटीवी कैमरे में मिली थी। पुलिस पहले से जांच कर रही थी कि दोनों भाइयों के कैंट कनेक्शन की जानकारी होने ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। गहन पूछताछ में अखिलेश ने हत्या व लूट की वारदात को कबूल लिया। उसने पुलिस को बताया कि वारदात को अंजाम देकर ज्वैलरी से भरा बैग घोसियाना राजीव नगर नाले के पास झाड़ी में अंदर गड्डा बनाकर सफेद पन्नी में छिपाकर रखा है। जबकि घर से निकाले गए डीवीआर और बैग को कुकरैल बंधा बैरल नंबर 8 के पास इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट के पास छिपा दिया था। पुलिस ने अखिलेश की निशादेही से ज्वैलरी से भरी पन्नी बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

हाफ एनकाउंटर में पैर में लगी गोली

मोहिनी मर्डर केस का खुलासा होने के बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए उसकी निशादेही पर लूटी गई ज्वैलरी और घटना में यूज की गई रंजीत की स्कूटी बरामद कर ली लेकिन DVR बरामद करना बाकी था। मंगलवार दोपहर 1.20 बजे पुलिस टीम अखिलेश को लेकर कुकरैल बंधे पर डीवीआर व बैग बरामद कराने लेकर गई। जहां बैग मिलने पर अखिलेश ने बैैग खोलकर डीवीआर निकालते समय उसमें रखा तमंचा भी निकाल लिया और फायर कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे इलाज के लिए भेजा।

ढाई लाख का कर्ज उतराने के लिए रची थी साजिश

पुलिस कमिश्नर एसबी शिरड़कर ने बताया कि अखिलेश व रवि 13 साल से रिटायर्ड आईएएस के घर में काम करते थे। इस दौरान अखिलेश टीबी की बीमारी से पीड़ित हो गया था और इलाज के लिए वह करीब ढाई लाख का कर्जदार हो गया था। उसने उम्मीद थी कि उसकी बीमारी में रिटायर्ड आईएएस मदद करेंगे। इसके अलावा रवि की भी हाल में शादी हुई थी और शादी के चलते वह भी दो से ढाई लाख के कर्ज में था। दोनों भाइयों ने अपना कर्जा उतारने और जल्द ही मोटी रकम हासिल करने के लालच में साजिश रची थी। इस साजिश में उन्होंने घर के पास रहने वाले रंजीत को भी शामिल किया था।

ज्यादा मदद की उम्मीद करते थे दोनों भाई

दोनों भाई लंबे समय से रिटायर्ड आईएएस अफसर के घर में काम कर रहे थे। देवेंद्र व मोहिनी के कोई औलाद न होने और उनके दोनों बेटे के साथ संबंध अच्छे न होने के नाते भी दोनों भाई रिटायर्ड अफसर से मदद की ज्यादा उम्मीद लगाए बैठे थे। रवि की शादी में मोहिनी ने 21 हजार रुपये का व्यवहार किया था। हालांकि, दोनों भाइयों को इससे कहीं ज्यादा की उम्मीद थी। उम्मीद टूटने पर दोनों भाइयों ने साफ्ट टारगेट बनाते हुए सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।

एक करोड़ की ज्वैलरी व विदेशी करेंसी बरामद

पुलिस ने मोहिनी दुबे की हत्या व लूट के बाद आरोपी अखिलेश, उसके भाई रवि यादव और साथी रंजीत की गिरफ्तारी के बाद लूटी गई ज्वैलरी बरामद कर लिया। लूट गई ज्वैलरी करीब एक करोड़ के ऊपर की बताई जा रही है। जिसमें ज्यादातर ज्वैलरी डायमंड की है। इसके अलावा अमेरिकन डॉलर, सिंगापुर के डॉलर, मलेशिया के यूरो करेंसी के साथ इंग्लैंड के पाउंड भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने हत्या व लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दोनों भाइयों के साथ उनके तीसरे साथी को जेल भेज दिया है।

error: Content is protected !!