भोपाल। मध्य प्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में अब तक 12 लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना की मदद ली जा रही है। लोगों को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया जाएगा। जिला अस्पताल प्रबंधन के अनुसार 200 से ज्यादा घायल अस्पताल लाए गए हैं। इनमें 132 पुरुष और 98 महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम में भी रेफर किया गया है।

सुबह 11 बजे हुआ धमाका

पटाखों की यह फैक्ट्री हरदा शहर में ही मगरधा रोड पर बैरागढ़ गांव में है। धमाका मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। धमाके की चपेट में आने से कई राहगीर वाहन समेत दूर उछल गए। धमाका इतना तेज था कि पूरे शहर में इसकी आवाज सुनाई दी। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से देखा जा सकता है। करीब एक घंटे तक धमाके होते रहे।

दर्जनों मकानों में लगी आग

जानकारी मिली है कि फैक्ट्री के आसपास बने घरों में बारूद रखा था। धमाके के बाद 60 घरों में आग लग गई। एहतियातन 100 से ज्यादा घरों को खाली कराया गया है। हरदा के आसपास 7 जिलों की फायर ब्रिगेड बुलाई गई हैं। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।

घायल रुखसार ने बताया- अचानक धमाका हुआ, लोग चिल्लाने लगे…
फैक्ट्री में हादसे वक्त काम कर रही मजदूर रुखसार ने बताया कि हम अंदर काम कर रहे थे। शटर लगी हुई थी अचानक धमाके की आवाज आई, जैसे कुछ फूटा हो। फिर सब लोग चिल्लाने लगे भागो-भागो.. भगदड़ मच गई फिर हम भगाने लगे।

CM बोले – दोषियों को छोड़ेंगे नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का छिंदवाड़ा दौरा स्थगित कर दिया गया। उन्होंने X पर लिखा- हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुई आगजनी की घटना हृदय विदारक है। इस घटना की गंभीरता के दृष्टिगत, इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। मैंने आज छिंदवाड़ा जिले के अहरवाड़ा गांव का रात्रि प्रवास कार्यक्रम स्थगित किया है। हम आगजनी की घटना के दोषियों को नहीं छोड़ेंगे। राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। राहत कार्य और घायलों को उपचार प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।

SDM ने बताया अनफिट थी फैक्ट्री

हरदा एसडीएम केसी परते ने कहा कि फैक्ट्री अनफिट थी। वहीं तहसीलदार हरदा लवीना घागरे का कहना है कि यह फैक्ट्री सालों से संचालित थी। इसकी पूर्व में हुई शिकायत के बाद जांच भी हुई थी और सील भी किया गया था। यह फैक्ट्री पट्टे की जमीन पर संचालित थी। जिसके मालिक राजेश अग्रवाल राजू, सोमेश अग्रवाल सोमू और प्रदीप अग्रवाल हैं।

घागरे के मुताबिक उनके पहले पदस्थ रहे अफसर द्वारा फैक्ट्री सील किए जाने के उपरांत राजेश, सोमेश और प्रदीप हाईकोर्ट गए थे। इसके बाद एसडीएम को इस मामले में प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया था।

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