ग्वालियर/भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार जारी है। यहां आए दिन कुत्तों के काटने से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वहीं शहर में महज 24 घंटे में 400 से ज्यादा लोगों को आवारा कुत्ते ने काटा। यहां के थाटीपुर में 13 साल के बच्चे बॉबी को कुत्तों ने नोंच कर घायल कर दिया।

ग्वालियर में डॉग बाईट के सबसे ज्यादा मामले

मध्य प्रदेश में इन दिनों ग्वालियर में सबसे ज्यादा आवारा कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे है। आए दिन कई लोग इन कुत्तों का शिकार हो रहें है। यहां पिछले 24 घंटे में 400 से ज्यादा लोगों को आवारा कुत्तों ने काट कर घायल कर दिया। वहीं शहर के जयारोग्य और जिला अस्पताल में डॉग बाइट के 348 मरीज पहुंचे है।

आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि बीते दिसम्बर महीने में ही करीब साढ़े बारह हजार लोगों को कुत्तों ने काटा, वहीं साल 2023 में 80 हजार लोग आवारा कुत्तों का शिकार हुए।

ग्वालियर जिले में आवारा कुत्तों की स्थिति

ग्वालियर जिले में 50 हजार से अधिक कुत्ते
10 शिकायतें प्रतिदिन निगम के पास कुत्ते पकड़ने की आ रही हैं
01 एनिमल केयर फाउंडेशन फर्म को आवारा डॉग्स पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई है
30 लाख रुपए में डॉग पकड़ने का ठेका दिया गया है

वैक्सीनेशन पर हर साल एक करोड़ का खर्च

शहर में हर साल करीब एक करोड़ रुपए के रेबीज इंजेक्शन लगाए जाते हैं। हमीदिया अस्पताल में हर साल डॉग बाइट के लगभग 6,000 मामले पहुंचते हैं। प्रत्येक मरीज को रेबीज के दो इंजेक्शन लगते हैं। एक इंजेक्शन की कीमत 400 रुपए मानें तो प्रति साल 11,520 डोज के लिए 46 लाख रुपए खर्च होते हैं। लगभग इतने ही इंजेक्शन हर साल जेपी अस्पताल में भी लगाए जाते हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं।

भोपाल में एक ही दिन में 41 को कुत्तों ने काटा

उधर भोपाल में आवारा कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार को 41 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। वहीं, मिसरोद इलाके में 2 मामले सामने आए हैं। बड़ी संख्या में डॉग बाइट की वजह से जेपी अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई।

इससे पहले 10 जनवरी को एक 7 माह के मासूम को कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला। 11 जनवरी को एक 3 साल के बच्चे को कॉलोनी के आवारा कुत्तों ने काट लिया। पिता ने शिकायत की तो पेट लवर महिला ने मारपीट कर दी। 15 जनवरी को एक साथ 4 मामले सामने आए। जिनमें एक 3 साल का बच्चा भी शामिल है।

हर रोज 30 नसबंदी तक कर रहे

इस बीच, महापौर मालती राय ने अफसरों की बैठक बुलाई। ISBT स्थित नगर निगम ऑफिस में हुई बैठक में निगम कमिश्नर नोबल फ्रैंक ए., एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बाद में महापौर ने मीडिया से चर्चा में कहा- ‘हम हर रोज कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन जब हादसा होता है, तब ज्यादा बात फैल जाती है। जब निगम कार्रवाई करता है तो उसे कोई नहीं बताता।’

महापौर राय ने कहा- सीमित संसाधन होने के बावजूद प्रतिदिन 20 से 30 नसबंदी कर रहे हैं। निगम की टीमें लगातार मैदान में है। मैं लोगों से अपील करती हूं कि यदि डॉग्स पाल रहे हैं तो उन्हें पिंजरे में रखें। शहर में व्यापक स्तर पर कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। कई बार पेट लवर्स सामने आ जाते हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई भी कर रहे हैं।

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