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राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग को राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें गणतंत्र दिवस पर के अवसर पर राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन के हाथों प्रदान किया जाएगा। मोहित गर्ग छत्तीसगढ़ के पहले IPS अधिकारी हैं, जिन्हें तीसरी बार पुलिस वीरता पदक पुरस्कार मिलने जा रहा है।

नक्सलियों से हुई थी मुठभेड़

पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग को बीजापुर में एसपी रहते नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। बीजापुर एसपी रहते हुए मोहित गर्ग ने थाना भैरमगढ़ अंतर्गत बोडगा के जंगल में सशस्त्र नक्सलियों की सूचना पर डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम के साथ इस आपरेशन को कमांड किया था। 7 फरवरी 2019 को बोड़गा नाले के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 5 पुरुष और 5 महिला समेत कुल 10 नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया गया था। इसके साथ ही 11 कंट्रीमेड गन समेत विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई थी। इसमें शामिल पीलूराम मंडावी, सहायक उप निरीक्षण जोगीराम पोड़ियाम, प्रधान आरक्षक हिड़मा पोड़ियामी, प्रधान आरक्षक प्रमोद कुड़ियम, प्रधान आरक्षक बलराम कश्यपद्व आर बिज्जू राम मज्जी, आर. बुधराम हपका, आर लक्ष्मी नारायण मरपल्ली, आर मंगलू कुड़ियम को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

24 अधिकारी-कर्मचारी होंगे पुरस्कृत

26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड समारोह के अवसर पर माओवादी विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस व वीरता पूर्वक उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एसपी मोहित गर्ग और उनकी टीम के साथ ही प्रदेश के 24 अधिकारी व कर्मचारियों को पुलिस वीरता पदक से पुरस्कृत किया जाएगा।

2013 बैच के अधिकारी है गर्ग

मोहित गर्ग छत्तीसगढ़ कैडर के 2013 बैच के आइपीएस हैं। मूल रुप से दिल्ली के रहने वाले है। गर्ग ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद IIM अहमदाबाद से एम.बी.ए. की पढ़ाई की। यूपीएससी में चयन से पहले उन्होंने करीब एक वर्ष तक आइटीसी में नौकरी भी की है। राजनांदगांव से पहले वे गरियाबंद, बीजापुर, नारायणपुर, कबीरधाम, बलरामपुर जिले में भी पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ थे और सेनानी 14 वीं वाहिनी धनोरा बालोद, सेनानी 19वीं वाहिनी छसबल जगदलपुर, सेनानी 16 वाहिनी छसबल नारायणपुर की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

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