जांजगीर-चांपा। ढाई महीने पहले जिले की एक शासकीय शराब दुकान में 2 सुरक्षा गार्ड की हत्या और लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः एक जवान से मिले सुराग ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

शराब दुकान के बाहर सो रहे थे गार्ड…

जांजगीर चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी में देशी शराब की दुकान पर चार-पांच नवंबर 2023 की रात्रि बाहर सो रहे दो सुरक्षा गार्ड यदुनंदन पटेल और जयकुमार सूर्यवंशी की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की इस वारदात के बाद आरोपियों ने शराब दुकान का ताला तोड़कर काउंटर में रखे कैश और शराब की चोरी की और फरार हो गये थे।

पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी वारदात

दूसरे दिन इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शवों का पंचनामा और पोटमॉर्टम कराया। पुलिस के समक्ष इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने की बड़ी चुनौती थी। एसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग टीम बनाकर इस हत्याकांड को सुलझाने का निर्देश दिया गया।

7 लाख 40 हजार मोबाइल खंगाले, मगर नहीं मिला सुराग…

पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही आसपास के टाॅवर लोकेशन के आधार पर 7 लाख 40 हजार मोबाइल नंबर को सर्च किया गया। जिसके आधार पर लगभग 714 मोबाईल नंबरों को तस्दीक किया गया, साथ ही 386 सिम नंबरों का कॉल डिटेल रिकार्ड खंगाला गया। वहीं इनमें से 100 से ज्यादा व्यक्तियों का कथन भी दर्ज किया गया। बावजूद इसके हत्या का कोई भी सुराग हाथ नहीं लग सका।

SP ने की थी इनाम की घोषणा

सीसीटीवी फुटेज में मिले नकाबपोश संदिग्धों की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस लगातार इस वारदात को सुलझाने की चुनौती से गुजर रही थी। CCTV फुटेज में आरोपी हत्यारा चेहरे में नकाब पहने हुए था और दुकान के अंदर से शराब की बोतल ले जाते दिख रहा था। जांजगीर एसपी विजय अग्रवाल ने आरोपी का वीडियो और फोटो जारी किया और घोषणा की कि हत्यारे को पकड़ने में जो भी आम नागरिक मदद करेगा उसे पांच हजार रूपये का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान छुपा कर रखी जाएगी।

सुराग मिलते ही पकड़े गए हत्यारे

जांजगीर पुलिस ने हत्यारों का सुराग लगाने के लिए कई जवानों को काम पर लगा रखा था। इन्हीं में से एक जवान ने आकर जानकारी दी कि हत्या की इस वारदात में शिवशंकर उर्फ मुन्ना सहिस पिता सहनी राम चौहान उम्र 29 साल के परिवार का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल ग्राम सुखरी के फाटक के पास सिवनी मंडी के पीछे रहने वाले शिवशंकर उर्फ मुन्ना सहिस को हिरासत में लिया जो सफाई कर्मी का भी काम करता था।

लूट की वारदात की बनाई थी योजना…

शिवशंकर उर्फ मुन्ना सहिस से मनोवैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर गहन पूछताछ की गई, जिसके बाद उसने अपने कथन में बताया कि शासकीय शराब दुकान को लूटने के लिए उसने अपनी पत्नी के पहले पति के बेटे कृष्णा सहिस, उम्र 21 साल एवं उसकी पत्नी मंगली उर्फ माला सहिस, उम्र 45 साल के साथ मिलकर नकाब पहन कर घटना करने की योजना बनाई थी। इस दौरान यह भी तय किया गया था कि वारदात के दौरान जो भी सामने आएगा उसकी हत्या कर देंगे।

वारदात के खुलासे के बाद पुलिस टीम ने तुरंत ही शिवशंकर सहिस की पत्नी मंगली सहिस और सौतेला बेटा कृष्णा सहिस को हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होने शराब दुकान में लूट की इरादे से इस हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था।

बेटा कुत्तों को खिला रहा था और पिता…

आरोपियों ने बताया कि वारदात से पहले उन्होने शराब दुकान के आसपास मौजूद कुत्तों को मौके से हटाने के लिए बिस्कुट का लालच दिया। आरोपी के बेटे ने कुत्तों को बिस्कुट खिलाकर दुकान के पीछे उलझाये रखा था। तभी शिवशंकर ने टंगिये से दुकान के बाहर खाट लगाकर सो रहे दोनों गार्ड की हत्या कर दी। इसके बाद दरवाजे का ताला तोड़ते समय एक शख्स शराब के नशे में वहां पहुंच गया। उसे किसी तरह पकड़कर वे बाहर छोड़ आये।

आरोपियों ने शराब दुकान का ताला तोड़कर कैश और शराब की चोरी की और फरार हो गये। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त हथियार, शराब की खाली बोतल और कैश 4500 रूपये बरामद किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को आज न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

मोबाइल का नहीं करते थे इस्तेमाल…

पुलिस ने इस हत्याकांड के खुलासे के लिए साढ़े 7 लाख मोबाइल नंबरों को सर्च किया मगर नतीजा शून्य रहा। हत्यारों को पकड़ने के बाद पूछताछ में जब पुलिस को पता चला कि आरोपी तो मोबाइल का इस्तेमाल ही नहीं करते हैं, तब अधिकारियों ने माथा पकड़ लिया। किसी भी अपराध के खुलासे के लिए मोबाइल सर्विलांस काफी मददगार साबित होता है, मगर आज के समय में कोई शख्स मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, यह जानकर आश्चर्य होना स्वाभाविक है।

शमशान घाट में जलाते थे लाशें

पुलिस के मुताबिक आरोपी शमशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लाशों को भी जलाने का भी काम किया करते थे। लूट की वारदात को अंजाम इन्होने घाट पर पड़े कपड़े उठा लिए और उसी से नकाब तैयार किया। इस नकाब की वजह से हत्याओं की पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने इस मामले में शिवशंकर की पत्नी मंगली उर्फ माला सहिस को भी गिरफ्तार किया है, जो वारदात की योजना बनाने में शामिल थी और इसकी राजदार थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टंगिया, पाना, काला नकाब, पहने कपड़े, ताला, चुराई गई शराब की खाली बोतल व रू 4500 /- नगदी रकम जप्त किया है।

Loading

error: Content is protected !!