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0 प्रताड़ना से आत्महत्या के मामले में हाई कोर्ट में हुई सुनवाई

बिलासपुर । आत्महत्या के एक मामले में मृतक के जब परिजन हाईकोर्ट पहुंचे तब वहां सुनवाई के दौरान जज ने CSP को जमकर फटकार लगाई। जज को यहां तक कहना पड़ा कि “जब सारा काम पुलिस कर रही है तो फिर इस देश में जजों की जरूरत ही नहीं है।”

जमीन विवाद से जुड़ा है मामला

यह मामला 11 जनवरी 2022 का है, जब बिलासपुर में सिद्धांत नागवंशी नाम के एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी।मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि जमीन कारोबारी और कांग्रेस नेता अकबर खान की प्रताड़ना की वजह से उसने जान दी है। इससे संबंधित जमीन के सौदे में दीपेश चौकसे और मीनाक्षी बंजारे का नाम भी सामने आया था। सिविल लाइन पुलिस ने परिजनों के बयान के बावजूद अकबर खान के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया।

सुनवाई के दौरान CSP ने दी सफाई

इस मामले में पुलिस द्वारा की गई पुलिस की जांच के खिलाफ पीड़ितों ने हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान उपस्थित सिविल लाइन सीएसपी संदीप पटेल ने बार-बार सफाई देने की कोशिश की कि जांच में अकबर खान की संलिप्तता दिखाई नहीं दे रही है। वहीं जब जज ने केस डायरी मंगाई और उसका अवलोकन किया। तब उन्हें मीनाक्षी बंजारे के पुराने केस भी याद आ गए। उन्होंने सीएसपी को फटकार लगाई और कहा कि सारा काम पुलिस कर रही है तो फिर इस देश में जजों की जरूरत ही नहीं है।

पुलिस अधिकारी को दी इस तरह की नसीहत

जज ने मौके पर ही CSP पटेल को नसीहत दी कि ‘अपनी वर्दी की थोड़ी इज्जत करिये। खुद ही न्याय करने की इतनी इच्छा है तो वर्दी उतार कर काला कोट पहनो और कोर्ट आ जाओ, मैं स्वागत करूंगा।” जज ने कहा कि ऐसा क्या हो जाता है कि “बड़े लोगों के ऊपर कार्रवाई करने से पुलिस चूक जाती है। कोई आदेश लिख दिया तो परेशानी में पड़ जाओगे। एफआईआर दर्ज करिये, जो जांच में आएगा उसके अनुसार आगे कार्रवाई होगी।” जज की फटकार के बाद सीएसपी ने तुरंत FIR दर्ज करने की बात कोर्ट में कही।

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