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सुकमा। ज़िला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर दंतेवाड़ा स्टेट हाईवे गोलगुड़ा ग्राम में माओवादियों ने पर्चे फेंके हैं। पुलिस को मिले इन पर्चों में नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार की अपील की है।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही माओवादियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर माओवादियों का विरोध शुरू हो गया है। सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादियों ने बैनर और पोस्टर लगाकर प्रदेश सरकार को उखाड़ फेंकने को कहा है। इसके साथ ही सुकमा जिला मुख्यालय के करीब भी नक्सलियों ने चुनाव के विरोध में बैनर पोस्टर लगाए हैं। वहीं माओवादियों द्वारा बैनर-पोस्टर लगाए जाने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने इसे हटाते हुए सभी बैनर और पोस्टर को जब्त कर लिया है।

उधर बीजापुर क्षेत्र में नक्सलियों नें नैमेड से कुटरू के बीच पर्चे फेंककर चुनाव बहिष्कार करने कहा है। अपने पर्चे में नक्सलियों नें लिखा है – झूठे छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करों। जनताना सरकारों को बचाओं व मजबूत करो।

वन संरक्षण संशोधित कानून का किया विरोध

मंगलवार की सुबह सुकमा-दंतेवाड़ा मार्ग पर माओवादियों ने भारी मात्रा में चुनाव बहिष्कार संबंधित बैनर-पोस्टर लगाए। इसके साथ ही स्टेट हाईवे पर स्थित कानकीपारा और गोलागुड़ा के बीच माओवादियों की दक्षिण सब जोनल ब्यूरो ने पर्चे फेंके हैं। जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को सबक सिखाने और वन संरक्षण अधिनियम संशोधित कानून को रद्द करने की मांग लिखी है। नक्सलियों ने आम लोगों से छग विधानसभा चुनाव को फर्जी करार देते बहिष्कार करने को कहा है। ब्राह्मण हिंदुत्व फासीवादी भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों का विरोध करने को कहा।

सुरक्षा के लिए कंपनियों की मांग

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले चरण में बस्तर के 12 सीटों पर चुनाव होंगे जिसको लेकर पुलिस और प्रशासन की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। चुनाव के दौरान नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम ना दे पाएं इसके लिए पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए जा रहे हैं।जिले में शांति संपन्न चुनाव कराने के लिए 50 से ज्यादा सुरक्षा बलों की कंपनियों की मांग की गई है।

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