रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव में बस्तर संभाग की सभी 12 सीटें शामिल हैं। वहीं आठ सीटें दुर्ग संभाग की हैं। कुल 20 में से 12 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, तो एक सीट अनुसूचित जाति के लिए।

इन सीटों पर होगा पहले चरण में चुनाव

पहले चरण में कोंटा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, चित्रकोट, जगदलपुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल, कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, मोहला-मानपुर, खुज्जी, डोंगरगांव, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा और पंडरिया में वोटिंग होगी। इन सीटों के लिए कुल 223 उम्मीदवार मैदान में हैं और इनमें से 25 महिला शामिल हैं।

पहले चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या 40 लाख 78 हजार 681 हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल पांच हजार 304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

इतने उम्मीदवारों पर चल रहे हैं आपराधिक मामले

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 223 उम्मीदवारों में से 26 पर आपराधिक मामले चल रहे हैं और इनमें से 16 के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, जिनमें जानबूझकर चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने से संबंधित प्रकरण शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार विश्लेषण किए गए 223 उम्मीदवारों में से 26 (12 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं। बता दें कि प्रदेश की कुल 90 विधानसभा सीटों में से 20 सीटों पर सात नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा। शेष 70 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान है।

इन पार्टियों में इतने अपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी

विपक्षी भाजपा के 20 में से पांच (25 प्रतिशत) उम्मीदवार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, इसके बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस के 20 में से दो (10 प्रतिशत) उम्मीदवार, आम आदमी पार्टी (आप) के चार (40 प्रतिशत) उम्मीदवार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। 10 उम्मीदवारों में से और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के 15 उम्मीदवारों में से तीन (20 प्रतिशत) शामिल हैं।

20 में से केवल 3 सीटें कांग्रेस के पास नहीं

इन 20 सीटों में से सिर्फ तीन ऐसी सीटें हैं, जहां वर्ष 2018 में कांग्रेस पार्टी को जीत नहीं मिली थी। इन तीनों सीटों में से दो पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जीत दर्ज की थी, तो एक सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की पार्टी जेसीसीजे के उम्मीदवार को जीत मिली थी। बता दें कि राजनांदगांव से सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जीते थे, वहीं दंतेवाड़ा (एसटी) सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार भीमा मांडवी ने कांग्रेस प्रत्याशी देवती करमा को पराजित किया था। बाकी सभी 17 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।

किस विधानसभा में कितने प्रत्याशी..?

प्रथम चरण के चुनाव में अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 13, भानुप्रतापपुर में 14, कांकेर में नौ, केशकाल में 10, कोंडागांव में आठ, नारायणपुर में आठ, बस्तर में आठ, जगदलपुर में 11, चित्रकोट में सात, दंतेवाड़ा में सात, बीजापुर में आठ, कोंटा में आठ, खैरागढ़ में 11, डोंगरगढ़ में 10, राजनांदगांव में 29, डोंगरगांव में 12, खुज्जी में 10, मोहला-मानपुर में नौ, कवर्धा में 16 तथा पंडरिया में 14 प्रत्याशी शेष बचे हैं।

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